Love Romantic Mohabbat Shayari - महोबत्त शायरी
फुलों में हसीन गुलाब है,
पढाई के लिये ज़रूरी किताब है,
दुनिया में हर सवाल का जवाब है,
अगर कोई तुम्हें मेरे बारे में पूछे तो कहना वो लाजवाब है।
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मोहब्बत की हवा जिस्म की दवा बन गयी,
दूरी आपकी मेरी चाहत की सजा बन गयी,
कैसे भूलूँ आपको एक पल के लिए,
आपकी याद हमारे जीने की वजह बन गयी।
यादें अक्सर होती है सताने के लिये,
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए,
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं,
बस दिलों में प्यार चाहिये उसे निभाने के लिये।
रब से आपकी ख़ुशी मांगते हैं,
दुआओं में आपकी हंसी मांगते हैं,
सोचते हैं आपसे क्या मांगे,
चलो आप से उमर भर की मोहब्बत मांगते हैं।
ज़िंदगी नहीं मुझे तुमसे प्यारी,
तुम पर हाज़िर है जान हमारी,
आँखों में हमारे आंसू है तो क्या हुआ,
जान से भी ज़्यादा प्यारी है बस एक मुस्कान तुम्हारी।
प्यार के पन्नों से भरी किताब हो तुम,
रिश्तों के फूलों में गुलाब हो तुम,
कुछ लोग कहते हैं प्यार सच्चा नहीं होता,
उन लोगों के हर सवाल का जवाब हो तुम..मेरी जान हो तुम..!!
वादा किया है तो निभायेंगे,
सूरज की किरण बनकर तेरी चाहत पर आएंगे,
हम है तो जुदाई का गम कैसे,
तेरी हर सुबह को फूलों से सजायेंगे।
अगर किसी के पास सब कुछ हो तो दुनिया जलती है,
अगर कुछ ना हो तो दुनिया हंसती है,
मेरे पास आपके लिये सिर्फ दुआ है,
जिसके लिए सारी दुनिया तरसती है।
तेरे महकते बदन की खुशबू से,
मुझे खुमार सा होने लगता है,
तेरी चाहत की दीवानगी देखूं तो,
मुझे खुद पर भी यकीन नहीं होता है।
तेरा वो चुपके से मुस्कुराना ही तो,
मुझे यूँ पागल कर देता है,
तेरी वो दिलकश आवाज़ ही तो,
इस दिल को घायल कर देती है।
आपको याद करना अच्छा लगता है,
बस आपके खो जाने से डर लगता है,
कभी आँखों से गुम ना हो जाओ आप,
अब तो रात को सोने से भी डर लगता है।
जादू है तेरी हर एक बात में,
याद बहुत आते हो दिन और रात में,
कल जब देखा था मैंने सपना रात में,
तब भी आपका ही हाथ था मेरे हाथ में।
कभी किसी से प्यार मत करना,
हो जाये तो इंकार मत करना,
चल सके तो चलना उसकी राहों में,
वरना यूँही किसी की ज़िंदगी खराब मत करना।
Mohabbat Shyari 2 Line
मोहब्बत मे कभी कोई जबरदस्ती नही होती,
जब तुम्हारा जी चाहे तुम बस मेरे हो जाना.
मुझ में बेपनाह मुहब्बत के सिवा कुछ भी नही,
तुम अगर चाहो तो मेरी साँसो की तलाशी ले लो..
मोहब्बत ना सही धोखा ही दे जा
तेरी ज़िन्दगी में आने की कुछ तो निशानी हो
प्यार को कोई पैसे से नहीं खरीद सकता है
पर इसके लिये बहुत ही भारी कीमत चुकानी पड़ती है !!
नाम होटों पे तेरा आता है तो राहत-सी मिल जाती है
तू तसल्ली है, दिलासा है, दुआ है, क्या है ?
मुस्कुराने से शुरु और रुलाने पे खतम..
ये वो ज़ुल्म है जिस्से लोग मुहब्बत कहते है .!!
तुम महसूस कुछ इस तरह होते हो
जैसे मैं मैं नही तुम हो
एक हसरत है कि कभी वो भी हमे मनाये,
पर ये कम्ब्खत दिल कभी उनसे रूठता ही नही।
जिस्म से रूह तक जाए तो हकीकत है इश्क,
और रूह से रूह तक जाए तो इबादत है इश्क़।
किसने कहा तू जुदा रहता है
जब तू नही रहता तो
दिल तुझमें ही तो रहता है
नसीब मेरे खुल से पड़ते है
जब वो मेरे कंधो पर
मेरे लिए रो पड़ते है
चाहा भी नही था फिर भी हो गया
बस होना ही था इसलिये इश्क़ हो गया
बाहों के दरम्यां अब कोई दूरी ना रहे,
सीने से लगा लो मुझे, कोई चाहत अधूरी ना रहे
Purani Mohabbat Shayari
मोहब्बत से बढ़कर हो तुम मेरे लिए
तुम्हें पाकर जैसे मैंने सब कुछ पा लिया..
दिल में अब कोई आरजू नहीं है मेरे
तुम्हारी खुशी को ही मैंने अपना मान लिया…
चाहत को यूं शर्मसार
मत कर ओ दीवाने..
सच्ची मोहब्बत की गली में
तबाह हो चुके है परवाने..
इस शिद्दत से की है मोहब्बत मैंने
कभी भुला नहीं सकता तुझे..
रूठ जाऊं जब भी दोस्तों से, कसम
तुम्हारी देकर मना लेते है मुझे…
होती है मोहब्बत की
वफ़ा पर दार-ओ-मदार..
जिस्म से हटकर रूह से हो,
तो नहीं कुछ इससे शानदार..
मेरे जिस्म से उसकी खुशबु आज भी आती है,
मैंने फुरसत में कभी सीने से लगाया था उसे !!
जिस्म को जिस्म की ही तलाश है
इसे इश्क न कहो ये महज प्यास है
ख़ाक थी और जिस्म ओ जाँ कहते रहे
चंद ईंटों को मकाँ कहते रहे
तमाम जिस्म को आँखें बना के राह तको
तमाम खेल मोहब्बत में इंतिज़ार का है
जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख ज़ुस्तज़ु क्या है।
जिस्म पर जो निसान है जनाब,
वो तो सारे बचपन के है,
बाद के तो सारे दिल पर लगे है
कुछ इस तरह से बसे हो तुम मेरे अहसासों में
जैसे धड़कन दिल में, मछली पानी में, रूह जिस्म में…
जिस्म की दरारों से रूह नज़र आने लगी है…
बहुत अंदर तक तोड़ गया है इश्क़ तुम्हारा।।
तमन्ना तेरे जिस्म की होती
तो छीन लेते दुनिया से
इश्क तेरी रूह से है इसलिए
खुदा से मांगते हैं तुझे
रात को वो थकन से लड़ता है
जिस्म दिन भर जेहन से लड़ता है
रूह की आड़ में जिस्म तक नोच खाते हैं लोग,
प्यार के नाम पर हवस की आग बुझाते हैं लोग
Mohabbat Shayari Rekhta
आता हूँ मैं ज़माने की आँखों में रात दिन
लेकिन ख़ुद अपनी नज़रों से अब तक निहाँ हूँ मैं
उसे बेचैन कर जाऊँगा मैं भी
ख़मोशी से गुज़र जाऊँगा मैं भी
टूटा जो का’बा कौन सी ये जा-ए-ग़म है शेख़
कुछ क़स्र-ए-दिल नहीं कि बनाया न जाएगा
ग़ैर से मिलना तुम्हारा सुन के गो हम चुप रहे
पर सुना होगा कि तुम को इक जहाँ ने क्या कहा
दर्द-ए-दिल कुछ कहा नहीं जाता
आह चुप भी रहा नहीं जाता
किस बात पर तिरी मैं करूँ ए’तिबार हाए
इक़रार यक तरफ़ है तो इन्कार यक तरफ़
मय की तौबा को तो मुद्दत हुई ‘क़ाएम’ लेकिन
बे-तलब अब भी जो मिल जाए तो इन्कार नहीं
न जाने कौन सी साअ’त चमन से बिछड़े थे
कि आँख भर के न फिर सू-ए-गुल्सिताँ देखा
चाहें हैं ये हम भी कि रहे पाक मोहब्बत
पर जिस में ये दूरी हो वो क्या ख़ाक मोहब्बत
ज़ालिम तू मेरी सादा-दिली पर तो रह्म कर
रूठा था तुझ से आप ही और आप मन गया
Mohabbat Shayari Lyrics
नाक हैं यह प्यार
जो भी चख ले मर मर के जीता हें
मोहब्बत कैसी भी हो कसम से
सजदा करना सिखा देती है
प्यार मोहब्बत आशिकी.ये बस अल्फाज थे.
मगर.. जब तुम मिले तब इन अल्फाजो को मायने मिले
कितनी छोटी सी है ये जन्नत मेरी
एक मैं हूँ और एक महोब्बत मेरी
उसकी आँखों में मोहब्बत की चमक आज भी है
हालांकि उसे मेरी मोहब्बत पर शक आज भी है
नाव में बैठ कर धोये थे,हाथ उसने कभी
पूरे तालाब में मेहंदी की महक आज भी है
छू तो नहीं पाया उसे प्यार से कभी
पर मेरे होठों पर उसके होठों की झलक आज भी है
हर बार पूछते हैं,हमारी चाहत का सबब
वैसी ही इश्क की ये परख आज भी है
नहीं रह पते वो भी हमारे बिना
दोनों तरफ इश्क की दहक आज भी है
हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की !
और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की !
शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है
क्या ज़रूरत थी,तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की !!
मोहब्बत को हद से गुजर तो जाने दो,
वो रोयेंगे जरूर हमे बिखर तो जाने दो,
अभी ज़िंदा हैं तो एहसास नहीं उनको,
रो कर पुकारेंगे हमे एक दफा मर तो जाने दो।
Famous Mohabbat Shayari
क्या कहूं तुम से मैं कि क्या है इश्क़
जान का रोग है बला है इश्क
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है
मुझे अब तुम से डर लगने लगा है
तुम्हें मुझ से मोहब्बत हो गई क्या
न पूछो हुस्न की तारीफ हम से
मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है
मोहब्बत की तो कोई हद, कोई सरहद नहीं होती
हमारे दरमियां ये फासले, कैसे निकल आए
इक रोज खेल खेल में हम उस के हो गए
और फिर तमाम उम्र किसी के नहीं हुए
हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएंगे
अभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए
सौ चांद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी
तुम आए तो इस रात की औकात बनेगी
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से
मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूं नहीं करते
एक चेहरा है जो आंखों में बसा रहता है
इक तसव्वुर है जो तन्हा नहीं होने देता
होश वालों को खबर क्या बेखुदी क्या चीज है
इश्क कीजे फिर समझिए जिंदगी क्या चीज है
मांग लूं तुझ से तुझी को कि सभी कुछ मिल जाए
सौ सवालों से यही एक सवाल अच्छा है
इश्क की चोट का कुछ दिल पे असर हो तो सही
दर्द कम हो या ज्यादा हो मगर हो तो सही
Mohabbat Shayari SMS
सुना है तुम ले लेते हो,
हर बात का बदला,
आजमाएंगे कभी तुम्हारे
लबो को चूम कर |
कलम थी हाथ में लिखना सिखाया आपने,
ताकत थी हाथ में हौसला दिलाया आपने,
मंज़िल थी सामने रास्ता दिखाया आपने,
हम तो सिर्फ दोस्त थे, आशिक़ बनाया आपने.
तुम्हारी चाहत तुम्हारे सपनो की हिफाज़त की है,
तुम्हारी मासूम निगाहों की कसम,
दिल तोह दिल,
मेरी रूह ने भी तुमसे मोहब्बत की है |
आज भी उनकी आखो में ख्वाब वही था,
मुखड़ा हसी और मुखड़े का रंग वही था,
कैसे कहे दू उनको बेवफा मैं यारो,
उनका तो देखने का अंदाज़ आज भी वही था |
किसी न किसी पे किसी को ऐतबार हो जाता है,
अजनबी कोई शखा यार हो जाता है,
खूबियों से नहीं होती मोहब्बत सदा,
कमियों से भी अक्सर प्यार हो जाता है |
जुदाई सहने की आदत नहीं है,
बिन तेरे रहने की चाहत नहीं है,
चाहत है तो सिर्फ तेरे साथ जीने की,
बिन तेरे जीने की हमारी कोई ख्वाहिश नहीं है |
हमारा दिल तब नहीं रोता हैं,
जब हम किसी को खो देते है,
दिल तो तब रोता हैं,
जब हम खुद को खो कर भी,
किसी के हो नहीं पते है |
इश्क़ ऐसा करो की धड़कन में बस जाये,
साँसे भी लु तो खुसबू उसी की आये…
प्यार का नशा आखों पे छाए,
बात कोई भो हो पर नाम उसी का आये….
ना जाने कितने प्यार से खुदा ने बनाया तुम्हे होगा,
न जाने कितनी ख़ूबसूरती को लगाया होगा,
जब बना के दीदार किया होगा तुम्हारा,
तो उसको भी प्यार जरूर आया होगा
Mohabbat Shayari Gulzar
कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की
महफ़िल में गले मिलकर वह धीरे से कह गए,
यह दुनिया की रस्म है, इसे मुहोब्बत मत समझ लेना!
आदतन तुमने कर दीए वादे,
आदतन हमने एतबार किया…
तेरी राहों में बारहाँ रुक कर,
हमने अपना ही इंतज़ार किया…
अब ना मांगेंगे ज़िन्दगी या रब,
यह गुनाह हमने जो एक बार किया…!
बहुत मुश्किल से करता हूँ तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है लेकिन गुज़ारा हो ही जाता है!
इतने लोगों में कह दो अपनी आँखों से,
इतना ऊँचा न ऐसे बोला करे, लोग मेरा नाम जान जाते हैं!
वो चीज जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख कर कहीं!
तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं,
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िन्दगी तो नहीं!
कोई पूछ रहा है मुझसे अब मेरी ज़िन्दगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है हल्का सा मुस्कुराना तुम्हारा!
तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे,
मगर हमारी बेचेनियों की वजह बस तुम हो!
मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है,
मिल जाए तब भी और ना मिले तब भी…!
सुनो…ज़रा रास्ता तो बताना…
मोहब्बत के सफ़र से वापसी है मेरी…
इश्क़ में जलते हुए साँस तेजबी लगे
राज़ खुलता ही नहीं कोई तो चाबी लगे
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